Sunday, June 25, 2006

अनुक्रम

00- समर्पण

OO-
आत्मकथ्य

OO-
भूमिका

OO- प्रथम भाग

OO- द्वितीय भाग

OO-तीसरा भाग

OO- चतुर्थ भाग

OO- पंचम भाग

OO- छठवा भाग

OO- सातवाँ भाग

OO-
आठवाँ भाग

OO-
नौवाँ भाग

OO-
दसवाँ भाग

OO- ग्यारवा भाग

oo-
बारहवाँ भाग

oo- तेरहवाँ भाग

oo- चौदहवाँ भाग

oo-
पन्द्रहवाँ भाग

oo-
सोलहवाँ भाग

oo-
सत्रहवाँ भाग

।। लेखक परिचय ।।

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सौजन्य - इस कृति का अंतरजाल पर स्थापन कार्य www.srijangatha.com द्वारा किया गया ।
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2 Comments:

At 8:37 PM, Blogger Akhilesh Kumar said...

आदरणीय सोनी जी,
जय जोहाऱ
अन्तरजाल मा छत्तीसगढी़ के उपन्यास देख के मन खुश हो गे. मैं वइसे तो साहित्य संगीत के राजधानी काशी के रहइया हों अउर ए घरी चण्डीगढ़ मा रहत हों लेकिन छत्तीसगढ मा हिन्दू अखबार बर काम करे के दौरान दू साल रहे हों। इ दू साल मा छत्तीसगढ के धरती से अतका दुलार मिलिस कि ओ मोर मउसी के घर बन गे। छत्तीसगढ के नामेच सुनके मन हरषा जाथे। रायपुर मा गोकुल सोनी, राम अवतार तिवारी, प्रकाश भइया, अनिल पुसदकर अउर काखर काखर नांव लौं अब्बड़ झन के लम्बा लिस्ट हे, ए जम्मो भाई मन के मया दुलार मिलिस। छत्तीसगढ के पावन माटी अऊर ओखर निश्छल रहइया मन ला मोर परनाम हे। आप के रचनाधर्मिता अइसने चालू रहे अउरअन्तरजाल मा छत्तीसगढी़ के नवा नवा रचना पढ़े बर मिलत रहे ओखर बर मोर डहर ले भारी शुभकामना ।

अखिलेश कुमार मिश्र

 
At 5:39 AM, Blogger Hindi Sahitya said...

aap apane poem ko http://www.hindisahitya.org/ par publish kar sakte hai

 

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